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रविवार, 26 मार्च 2017

आशियाने की आस होगी पूरी ?


पी मार्कण्डेय
उत्तर प्रदेश और चार राज्यों के चुनाव के समय पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर विपक्ष कई आशंकाओं से भरा था। इसके लिए विपक्ष ने चुनाव अयोग के चौखट तक गुहार लगाया लेकिन संवैधानिक प्रतिबद्धता के इसे पेश होना ही था। विपक्ष को डर था कि चुनाव में फायदा न उठा ले केंद्र सरकार, लोक लुभावन हो सकता है आगामी बजट, चुनावी राज्यों के लिए खास पैकेज हो सकता है इस बजट में। लेकिन हुआ इसके विपरीत।
हालांकि मंदी की मार झेल रहे रियल स्टेट की कमर नोटबन्दी ने तोड़ दी थी फिर भी जीएसटी को लेकर सरकार की तेजी, सबके लिए आवास पिछले बजट में किफायती आवासों को आयकर के दायरे से मुक्त करने आदि की सरकारी पहल को लेकर रियल स्टेट इस बजट से काफी आशान्वित था। देश की जीडीपी में सबसे अधिक योगदान करने वाले और रोजगार प्रदान करने वाले रियल एस्टेट सेक्टर को भी इस साल के बजट से काफी उम्मीदें थी। बजट पेश होते ही रियल स्टेट कारोबारियों के चेहरे खिल गए।
गत कुछ महीनों में केंद्र सरकार इस सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए विशेष रूप से सक्रिय रही है। रियल एस्टेट बिल (रेरा), वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), हाल ही में विमुद्रीकरण के 5०दिन पूरे होना, प्रधानमंत्री द्बारा साल के आखिरी दिन पर अफोर्डेबल हाउसिग से जुड़ी तमाम रियायतें, और साल की शुरुआत में बैंकों के ब्याज दर में कटौती, कुल मिलाकर ये सभी संकेत 2०17 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होने वाले हैं।
बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग को सरकार ने आधारभूत ढांच के अंर्तगत लिया है। वास्तव में रियल स्टेट कारोबारियों के लिए यह बहुत बड़ा अवसर है। यह न केवल कारोबारियों के लिए बल्कि खरीददारों के लिए भी राहत भरा कदम है। अब बिल्डर भी मकानों को बेचने में जल्दी करेंगे और कीमतों को लेकर उतार-चढाव, सौदेबाजी का माहौल खत्म होगा। सिग्नेचर ग्लोबल के प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि हमें जैसी उम्मीद थी बजट वैसा ही आया है। सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिल्डरों को मकान बनाकर बेचने में जो फायदा होगा उस पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। टैक्स में छूट मिलने से आवासों के दाम घटेंगे। अब तक आवासों के कंपलीशन सर्टिफिकेट मिल जाने के बाद सरकार यह मान लेती थी कि आावास बिक गए अथवा किराए पर दे दिए गए और टैक्स वसूली शुरु हो जाती थी। लेकिन अब बजट में ऐलान किया गया है कि यदि आवास निर्माण पूरी होने के बाद भी आगामी एक साल तक यदि आवास बिकते नहीं है तो बिल्डर को कोई टैक्स नहीं देना होगा।




अवनीश सूद , डायरेक्टर , ईरोस ग्रुप

केंद्रीय बजट सत्र 2०16-17 की घोषणा के समय से ही सरकार रियल्टी सेक्टर के लिये काफी सक्रिय रही है। अफोर्डेबल हाउसिग के तहत सरकार ने डेवलपर्स और खरीदार के साथ रेंटल हाउसिग के लिये कई घोषणायें की बैंकों के द्बारा ब्याज दरों में कटौती का सभी होम लोन लेने वालों को लाभ मिलेगा लेकिन अफोर्डेबल हाउसिग के तहत खरीदने वालों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

दीपक कपूर , प्रेसिडेंट- क्रेडाई पश्चिमी ऊ.प्र. एवं डायरेक्टर, गुलशन होम्.ज
अफोर्डेबल हाउसिग और हाउसिग फॉर ऑल, यह सरकार के दो मुख्य मुद्दे रहे, और इन पर काम भी पूरी निष्ठा के साथ हुआ। बजट में काफी कुछ बाते हैं जो रियल स्टेटक के लिए वरदान साबित होंगी।

अशोक गुप्ता , सीएमडी, अजनारा इंडिया

इस साल के बजट में हम इन्फ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट को सरकार के मुख्य लक्ष्य के तौर पर देख पायेंगे। इस से जुड़ी बड़ी घोषणाओं का अनुमान हम लगा सकते हैं, खासतौर से उन क्षेत्रों में जो की प्रधान मंत्री की ही अम्रुत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन) स्कीम के तहत आती हैं। जीएसटी का कार्यान्वन, इनकम टैक्स में रियायतें, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न छूट प्रदान करना एवं रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और इन्फ्रास्ट्रकचर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को प्रोत्साहित करना मुख्या होन्ो की उम्मीद थी जो पूरी होती दिख रही है।

धीरज जैन , डायरेक्टर , महागुन ग्रुप


इस साल के बजट में हम रियल एस्टेट सेक्टर से जुडे तमाम उद्योगों जैसे स्टील एवं सीमेंट उद्योगों की नीतियों में भी स्पष्टीकरण एवं मानिकरण होने की आशा थी जो पूरी हो रही है। उद्योग घरों के दामों पर सीधे तरीके से प्रभाव डालते हैं। वही दूसरी तरफ गृह ऋण पर मिलने वाली टैक्स कटौती की सीमा को 2 लाख रुपयों से ज्यादा बढ़ाना चाहिए। यह राशि आज के परिप्रेक्ष्य में बहुत ही कम हैं, और टियर 1 के शहर में तो कई बार औसत दाम ही एक करोड़ के हैं।

प्रदीप अग्रवाल,चेयरमैन,सिग्नेचर ग्लोबल


प्रधानमंत्री ने अफोर्डेबल हाउसिग सेगमेंट के तहत बड़ी घोषणाएं की और ईडब्लूएस एवं एलआईजी वर्ग के लोगों को घर खरीदने की तरफ प्रेरित किया, साथ ही साथ साल के शुरुआत में कई बैंको ने भी अपने ब्याज दरों में कटौती की यानी की कुलमिलाकर सभी संकेत सेक्टर के लिए अच्छे नजर आ रहे हैं।

अश्वनी प्रकाश , ईडी, पैरामाउंट ग्रुप

इस साल के बजट में रियल एस्टेट को सीधे तरीके से लाभ पहुंचाने वाली कोई घोषणा नहीं दिखाई देती। पिछले साल हाउसिग फॉर आल को गति मिली और साथ ही कई अहम बिल भी पास हुए पर इस साल बजट में बुनियादी संरचना से जुड़े महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद थी जो जिसने निराश किया है।




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