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सोमवार, 24 जुलाई 2017

किन क्षेत्रों में भारत ने लहराया तिरंगा


पी मार्कण्डेय
आजादी के समय ही अंग्रेज भविष्यवेत्ताओं ने कहना शुरु कर दिया था कि भारत अपनी आजादी को सहेज नहीं पाएगा। टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा कारण कि यहां पर विभिन्न भाषाएं, क्ष्ोत्रवार परंपराएं, जातियों और धर्म में बंटा हुआ है, इसलिए इसके लिए लोकतंत्र संभव ही नहीं है। लेकिन 15 अगस्त 1957 के बाद से आजतक आजाद भारत के इतिहास में कोई सबसे बड़ी उपलब्धि है तो वह है भारत का बेदाग लोकतंत्र। सत्ता परिवर्तन, बैल्ोट बाक्स रिवोल्यूशन, संकट में केंद्रीयकरण, सामान्य अवस्था में शानदार तरीके से चल रहा संघवाद, लचीला संविधान और लगातार जागरुक हो रहे मतदाताा भारत की असली ताकत हैं, तो वहीं स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि भी हैं।
इतना ही नहीं भारतीयों ने दुनियां के अनेक क्ष्ोत्रों में अपनी कामयाबी का परचम भी लहराया है। बल्कि दुनियां के अनेक राष्ट्रों को अपनी कामयाबी का लोहा मनवाया है। यदि हम अबतक की उपलब्धियों पर सरसरी नजर डालें तो अपने लोकतंत्र, गणतंत्र और आजादी पर गर्व कर सकेंगे।
भारत दुनियां का दूसरे नंबर पर सबसे बड़ा आईटी उद्योग
भारत ने आईटी के क्ष्ोत्र अपना लोहा दुनिया से मनवा लिया है। चीन के बाद दुनिया की दूसरे सबसे बड़े आईटी कारोबारी में भारत का स्थान है। देश में इस व्यवसाय के फलने-फूलने की गति को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले पांच सालों में भारत पहले नंबर पर आ जायेगा।
हमारी शान है हमारी वायुसैन्य शक्ति
देश की वायु सेना की ताकत दुनियां के विकसित देशों को टक्कर देने वाला है। बल्कि कई मामलों में तो हम दुनियां के नंबर वन एयरफोर्स हैं। हमारे पास दुनियां के सबसे अधिक कौशलपूर्ण और समर्पित वायु सैनिक है तो वहीं हमारे पायलटों की क्षमता अमेरिकी पायलटों से कई मामलों में आगे हैं। इस समय 182० एयरक्राफ्ट्स, 9०5 कॉम्बैट विमान, 595 फाइटर प्लेन्स और 31० अटैकर्स विमान के साथ देश कि वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली हवाई सेना मानी जाती है।
परमाणु शक्ति में हम किसी से कम नहीं
हमारे पास 21 न्यूक्लियर प्लांट्स और 75 से 11० परमाणु हथियार हैं। भारत विश्व में परमाणु शक्ति संपन्नता के मामले में टॉप फाइव देशों में गर्व के साथ खड़ा है। बावजूद इसके हमारी सैन्य ताकत पूरी विनम्रता से नो फस्र्ट यूज पॉलिसी पर कायम रहेगी।
कृषि क्ष्ोत्र में आत्मनिर्भरता
अब भारत दुनियां की बड़ी अर्थव्यवस्था के रुप में अपनी पहचान कायम कर चुका है। आजादी के बाद से अबतक 2.7 लाख करोड़ से बढ़कर हमारी अर्थव्यवस्था 57 लाख करोड़ से भी अधिक की हो चुकी है। विदेशी मुद्रा भंडार 3०० बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। देशभर में लगातार सड़कों, पुलों, ओवरब्रीज का निर्माण तो हुआ ही है, साथ ही बंदरगाहों सहित गांव से लेकर औद्यौगिक स्थल तक विश्वस्तरीय सड़क मार्गो से जोड़े जा रहे हैं। खाद्यान्न के मामले में हम दालों के सबसे अधिक उत्पादक हैं तो चीनी हमारे यहां दुनियां में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक उत्पादन हो रहा है। कपास के मामले में हम अब भी तीसरे बड़े उत्पादक हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क
आजादी के बाद देश को पुरान रेल नेटवर्क मिला जो कि 33 हजार किमी लंबी थी। आजादी के तुंरत बाद इनका राष्ट्रीयकरण किया गया और अब भारतीय रेल दुनियां के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क के रुप में जाना जाता है। अब 68,312 किमी लंबे रास्ते पर 115,००० किमी का रेल टैàक है। कुल भारतीय रेलव में 7,112 रेलवे स्टेशन हैं। मुंबई के शिवाजी टर्मिनल सहित देश के पहाड़ी रास्तों पर चलने वाली रेल को यूनेस्कों ने विश्व धरोहर में शामिल किया है।
विविध उपलब्धियां
भारत ने आजादी के समय ही वयस्क मताधिकार को लागू किया जबकि यूरोप के कई देशों में यह बहुत देर से शुरु हुआ। संवैधानिक परंपराओं का जनक अमेरिका भी अपनी आजादी के तकरीबन डेढ़ सौ सालों बाद इसे लागू किया। भारत ने दुनिया का बहिष्कार झेल कर भी शांतिपूर्ण उददेश्यों के लिए परमाणु शक्ति हासिल की जो कि सबसे कम लागत में परमाणु ऊर्जा उत्पन्न करने वाला देश भारत है। थोरियम आधारित परमाणु ऊर्जा विकसित करने में भारत का दुनियां में अलग पहचान है। अंतरिक्ष में वाणिज्यिक उपग्रहों को सबसे कम कीमत पर लांच करने का रिकार्ड भारत के पास है। परमाणु पनडुब्बी लांच करनेवाले पांच देशों में से भारत है। चांद और मंगल पर मानव रहित मिशन भेजने वाले पांच देशों में से एक भारत है। इतना ही नहीं, दुनिया के सबसे कम लागत में सुपर कंप्यूटर का निर्माण भारत ने किया।
स्वतंत्र भारत की उपलब्धियों में यह महज चंद बातें हैं, फेहरिस्त लंबी है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत सो रहा है जिसदिन जागेगा उसदिन इतना तेजी से विष्फोट करेगा कि दुनियां के कान बहरे हो जाएंगे। भारत पोखरण विष्फोट के बाद अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज गूंजा दी है।

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