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कीट किसान के दुश्मन नहीं -खरीफ फसलों में हानिकारक कीड़ों को मारने से पहले मित्र कीटों को पहचान

सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के पूर्व निदेशक, मानव संसाधन प्रबंधन और कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख रहे प्रख्यात कीट विज्ञानी प्रोफेसर राम सिंह ने किसानों और प्रकृति के हित में अपने अनुभव साझा किए। मनुष्य ने कीटों को या तो उनके मित्रों या शत्रुओं में विभाजित किया, जबकि प्रकृति माँ की दृष्टि में सभी जीवों को समान मूल्य के साथ जीने का समान अधिकार है। कुछ कीट जैसे मधुमक्खियां, रेशम कीट, लाख कीट या परागणक उपयोगी कीट कहलाते हैं क्योंकि उनके उत्पाद मनुष्य के लिए लाभकारी होते हैं । लेकिन साथ ही जब कोई मधुमक्खी कॉलोनी किसी व्यक्ति के घर के आसपास बसने की कोशिश करती है, तो वह व्यक्ति या तो व्यवस्था करेगा इस कॉलोनी को खदेड़ दें या काटे जाने या उपद्रव के डर से कीटनाशक स्प्रे से नष्ट करवा देगा । उसके पास विकल्प है कि जरूरत पड़ी तो बाजार से शहद खरीद लेंगे । लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि अगर मधु मक्खियों जैसे परागणकर्ता विलुप्त हो जाते हैं तो इस ग्रह पर मनुष्य का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मनुष्य के छोटे बच्चे टिड्डे, भृंग, तितलियों जैसे कीड़ों के साथ खेलते हैं क्योंकि उन्हें ऐ