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फ़रवरी 7, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आंदोलन की फसल काटने को बेताब नेता

दिसंबर अंत में रिलांयस ग्रुप ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया और न्यायालय से गुहार लगाई कि हरियाणा-पंजाब में हमारे आउटलेट, टॉवर, व्यापार केंद्रों आदि पर हमले हो रहे हैं, नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिससे हमारे हजारों कर्मचारी परेशान हैं। हमारे इन केंद्रों की सुरक्षा के लिए सरकार व पुलिस को निर्देशित करने की हम याचना करते हैं। साथ ही हमारे ऊपर लग रहे आरोप कि हम कांट्रैक्ट फार्मिंग करते है और वर्तमान कृषि कानूनों से हम करार खेती शुरु कर देंगे, यह अफवाह है। हम शपथ पूर्वक कहते है कि रिलायंस से जुड़ी कोई भी संस्था जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिलायंस इंफो, जीओ आदि देश में कहीं भी कांट्रैक्ट खेती नहीं करती ना हाल फिलहाल ऐसा करने की कोई योजना है। इस याचिका के तकरीबन सप्ताह भर पहले अडानी समूह ने देश के प्रमुख समाचार पत्रों में बड़े और साफ शब्दों में विज्ञापन देकर प्रकाशित कराया और कहा कि वर्तमान कृषि कानूनों को लेकर हमारे ऊपर लगने वाले आरोप निराधार है। इसका हम खंडन करते हैं। दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली को घेर कर दो माह से बैठे किसान कहे जाने वाले आंदोलनकारी लगातार यह माला जप रहे