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गले और मुंह का कैंसर: गुटका और पान मसालों पर प्रतिबंध कितना प्रभावी

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-प्रतिवर्ष दस लाख से अधिक मुख और गले के कैंसर रोगी आ रहे सामने -स्मोकिंग फैशन आईकान बनने से मुंह के रोगियों की सख्यां अधिक -मुंह और गले के कैंसर रोगी दुनियां में सबसे अधिक भारत में  देशभर में प्रतिवर्ष दस लाख से अधिक मुख और गले के कैंसर रोगी सामने आ रहे है, और जिनमें से 5० प्रतिशत की मौत बीमारी की पहचान के अंतराल में ही हो जाती है। इसमें युवा अवस्था में होने वाली मौतों का कारण भी मुंह व गले का कैंसर मुख्य है। हालांकि पूरी दुनिया में विश्व गला व सिर कैंसर दिवस मनाए जाने और जागरुकता के तमाम कवायद के बाद भी कैंसर की महामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 16 सालों में मुख और गले के कैंसर रोगियों की संख्या पुरुषों और महिलाओं में तीव्र गति से बढ़ती जा रही है। इसका खुलासा एशियन पेसिफिक जर्नल ऑफ कैंसर प्रिवेंशन में जारी रिपोर्ट में हुआ है। वायसॅ ऑफ टोबेको विक्टिमस और गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ वेदांत काबरा कहते हैं कि देशभर में लाखों लोगों में देरी से इस बीमारी की पहचान, अपर्याप्त इलाज व अनुपयुक्त पुनर्वास सहित सुविधाओं का

चौथी औद्यौगिक क्रांति के लिये हम कितने तैयार हैं

सबसे पहले तो सिक्कीम मणिपाल विश्वविद्यालय के छात्रों को हार्दिक बधाई। मणिपाल विवि के छात्रों ने सौर उर्जा से चलने वाली कार का निर्माण सफलतापूर्वक किया है। इससे पहले हम सौर उर्जा के लिये सोलर लाईट, सोलर कूकर, सोलर लैंप आदि से अधिक नहीं आगे बढ पाये थ्ो। हांलाकि कुछ प्रदेशों और शहरों में सौर उर्जा से विद्युत सप्लाई के यदा-कदा प्रयास भी दिखाई देने लगे हैं। दुनियां में जिन देशों को सर्वाधिक सौर उर्जा प्रा’ है, उनमें भारत का भी एक स्थान है किंतु इस क्ष्ोत्र में आज भी हम अपेक्षित प्रयास करते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं। सौर उर्जा से चलने वाला यात्री विमान आगामी दिसंबर माह में नई दि“ी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे पर प्रदर्शन के लिये उतरेगा। यह विमान सौर उर्जा से चलने वाला विश्व का पहला विमान होगा। स्वीटरजरलैंड में सबसे पहले इस विमान की निर्माता कंपनी सोलर इम्पल्स ने जब इसे तैयार किया तो राईट बंधुओं के पहले विमान की याद तााजा हो गई। यह सोलर एयरोप्लेन शुरुआत म्ों काफी धीमी गति से उड़ान भर रहा था लेकिन वैज्ञानिकों ने दावा किया कि जल्दी ही आधुनिक विमानों की रफतार यह पकड़ लेगा। मजे की बात यह कि भूगोल क