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मार्च 10, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सुप्रीम कोर्ट के बाद एनजीटी ने भी दिया सरकार को झटका

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अरावली में भारती एयरटेल और इरोस ग्रुप ने 52 एकड़ जमीन खरीदा था, सात हजार से अधिक पेड़ काटे अरावली को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्रदेश सरकार को अब एनजीटी ने झटका दिया है। अरावली के सराय ख्वाजा में भारती एयरटेल ने लक्जीरियस अर्पाटमेंट के निर्माण के लिए सरकार से 52 एकड़ जमीन खरीदी थी जिसे एनजीटी ने डीम्ड फारेस्ट कहते हुए गैरकानूनी करार दिया है। इतना ही नहीं इस जमीन पर छह हजार से अधिक पेड़ों को काटे जाने के लिए एनजीटी ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। गत दिनों इस मामले को लेकर एक सेवा निवृत सेना अधिकारी ने न्यायालय में मामला दायर किया था। जिसके बाद राष्ट्रीय हरित न्यायालय ने वन विभाग सहित पर्यावरण व वनमंत्रालय को नोटिस जारी किया था। उल्लेखनीय है कि गत चार दशकों में ही एनसीआर में अरावली 40 फीसद से अधिक विभिन्न कारणों से खत्म की जा चुकी है। हरियाणा में करीब 50 हजार एकड़ अरावली भूमि को ऐसा माना जाता है कि यह फारेस्ट नोटिफिकेशन में नहीं आने के कारण अरावली से अलग माना जाता है। एनजीटी के इस आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब इस क्षेत्र को भी डीम्ड फारेस्ट क्षेत्र घोषित किय