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मार्च 3, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अगले साल तक 20 साल पुराने वाहन हो जाएंगे कबाड़

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जल्द ही लागू करने जा रही है योजना  दुनियां भर में प्रदूषण की राजधानी बने एनसीआर से सबक लेते हुए सरकार 20 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को चलन से बाहर करने जा रही है। यह वाहन प्राइवेट चालकों के हो अथवा कंपनियों के ट्राले सभी को कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा। कारण कि इन वाहनों से एनजीटी के निर्धारित मानकों के विपरीत प्रदूषण के तत्व घोल रहे हैं। इसी के साथ व्यावसायिक वाहनों की उम्र को सरकार की ओर से 20 साल निर्धारित किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से गुडग़ांव, मानेसर, बादशाहपुर सहित उद्योग विहार के लाखों वाहनों के कबाड़ हो जाने की संभावना बताई जा रही है। तो वहीं गुडग़ांव में चलने वाले 40 हजार के आसपास डीजल वाहन भी चलन से बाहर हो जाएंगे। इंटरनैशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटीव टेक्रालाजी नामक संस्था की ओर से किए गए सर्वे में पाया गया है कि एक एसयूवी डीजल कार उतना ही नाईट्रोजन के आक्साईड का उत्सर्जन करती है जितना कि 25 पेट्रोल चालित कारें करती हैं। हांलाकि गुडग़ांव की बात करें तो यहां पर तकरीबन 40,000 से 60,000 डीजल चालित ऑटो अब भी सडक़ों पर भाग रहे हैं जो गुडग़ांव सहित पूरे एनसीआर के ही प्रदूषण मे