सोमवार, 24 जुलाई 2017

गुरुओं की भूमि पर पाकिस्तान ड्रग्स के कारोबार


 पी मार्कण्डेय
ड्रग्स के शिकंजे में पंजाब के कसते चले जाने की हकीकत ये है कि इस साल पठानकोठ आतंकी हमले के बाद आई एम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पंजाब में हर वर्ष 75०० करोड़ के नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। इनमें से अकेले 65०० रुपये की हेरोइन की खपत होती है। पंजाब में पहुंचने वाली सारी हेरोइन के आने का एक ही जरिया है, और वह है पाकिस्तान।
इतिहास में जिसे पंचनद, पांच नदियों का देश कहा गया। भारत वर्ष का ऐसा भूखंड जहां वीरों, और बलिदानियों की परंपरा रही है, वह अब नश्ो की गिरफ्त में है। नश्ो के कारोबार में पंजाब इतना आगे जा चुका है कि देशद्रोही हमलों तक के लिए नश्ोड़ी बिक जाते हैं। एक ऐसा ही सत्य मालवा के जगदीश सिह भोला का है। वह बचपन से पहलवान बनने का सपना देखते थे। बाद में भोला ने एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ खेलों जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व भी किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भोला को अर्जुन अवॉर्ड भी मिला। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि वर्ष 2००8 में पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई के आरोप में भोला को पकड़ लिया।
अपने बेहतरीन ख्ोल कौशल के कारण पंजाब पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यकरत भोला को सेवामुक्त कर दिया गया। लेकिन भोला यहीं नहीं रुका और जेल से बाहर आकर और भी बड़े पैमानै पर ड्रग्स के कारोबार से जुड़ गया।
पुलिस को दिए बयान में भोला ने कहा कि ड्रग्स के इस खतरनाक खेल का वह मामूली प्यादा भर है, असली खिलाड़ी तो बड़े-बड़े पदों पर बैठे मंत्री और नेता हैं। भोला की ये कहानी पंजाब को दीमक की तरह खोखला करते और वहां की एक बड़ी आबादी की नसों में समाते चले गए ड्रग्स का आंखें खोल देने वाला सच है।
ऐसा नहीं है कि पंजाब में ड्रग्स के फैलते जहर के लिए सिर्फ सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली और बीजेपी जिम्मेदार हैं, बल्कि इस खेल में पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियां बराबर की जिम्मेदार रही हैं। आर्युविज्ञान संस्थान के स्टडी के मुताबिक पंजाब की 2.77 करोड़ की आबादी में से करीब ०.84 फीसदी लोग नशीले पदार्थों के एडीक्ट अथवा आदी हैं। इनमें से करीब 1.23 लाख लोग हेरोइन के नश्ोड़ी हैं। जबकि पंजाब में ड्रग्स का सेवन करने वालों की संख्या करीब 8.7 लाख है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में हर दिन ड्रग्स के आदी लोग अपने नशे की खुराक के लिए करीब 2० करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जबकि हेरोइन के आदी हर व्यक्ति करीब 14०० रुपये प्रति दिन खर्च करता है। पंजाब के ड्रग्स के अभ्यस्त हो चुके लोगों में से 76 फीसदी 18 से 35 की उम्र के हैं, यानी कि ड्रग्स की समस्या ने राज्य के भविष्य को भी अंधकारमय बना दिया
पंजाब किस कदर तेजी से नशे की चपेट में आता जा रहा है, इसका अंदाजा नारकोटिक्स ड्रग्स ऐंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस द्बारा ड्रग्स के व्यापार से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियों से पता चल जाता है। 2००9 में ड्रग्स स्मगलिग और डीलिग के मामले में 5०91 लोगों को अरेस्ट किया गया था जबकि 2०14 में 17००1 लोगों को अरेस्ट किया गया। इस दौरान जब्त की गई हेरोइन की मात्रा भी 155 किलो से 637 किलो तक पहुंच गई।

ड्रग्स के अरबों रुपये के खेल में सभी है शामिल
पंजाब में आने वाले ड्रग्स का लगभग नब्बे फीसदी हिस्सा पाकिस्तान से स्मगलिग के जरिए पहुंचाया जाता है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी न सिर्फ पंजाब की सीमा से भारत में आतंकवादियों को घुसाने की कोशिश करती है बल्कि उसने पंजाब को नशे के अड्डे में तब्दील कर दिया है। लेकिन सीमापार से होने वाली इस ड्रग्स स्मगलिग के खेल में न सिर्फ पाकिस्तान और आंतकी संगठन शामिल हैं, बल्कि इसमें ड्रग्स माफिया से लेकर पंजाब के बड़े नेता, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तक शामिल हैं। ईडी से पूछताछ में 7०० करोड़ के ड्रग्स स्कैंडल में पकड़े गए भोला ने राज्य के एक बड़े रसूखदार मंत्री के रिश्तेदार का नाम भी ड्रग्स के व्यापार से जुड़े होने के लिए लिया था। लेकिन इस रिपोर्ट के बारे में न तो सरकार और न ही पुलिस कुछ भी कहने को तैयार है।
पिछले साल जून में राजस्थान पुलिस ने फजिलका के ब्लॉक स्तर के अकाली और बीजेपी के दो नेताओं को उनकी गाड़ी में 7.5 किलो नशीले पदार्थ ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया था। अलजाजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ड्रग्स की समस्या से जूझने वाले युवाओं का कहना है कि चुनावों के समय पार्टियों का स्थानीय ताकतवर व्यक्ति सभी युवाओं को एक जगह इकट्ठा करके उनके बीच ड्रग्स बांटता है, उस समय आप जिस भी ड्रग्स का नाम लो, सब मिल जाता है। ड्रग्स से होने वाली मोटी कमाई का इस्तेमाल पार्टियां और नेता चुनाव पचार से लेकर चुनाव जीतने तक इस्तेमाल करते हैं।
नशे की बढ़ती लत के कारण पंजाब लगातार पिछड़ता जा रहा है। कृषि क्षेत्र का कमजोर होना, बढ़ती हुई बेरोजगारी प्रमुख है। बेरोजगार पंजाबी युवाओं की महत्वाकांक्षाएं तो बहुत ज्यादा है लेकिन उसे पूरा करने के लिए न तो वहां नौकरियां है और न ही कोई कामकाज सिखाने वाले बढ़िया ट्रेनिग इंस्टीट्यूट। आप चाहें उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों पर लाख प्रतिबंध लगा लगाकर ड्रग्स की समस्या पर पर्दा तो डाल सकते हैं लेकिन उसे खत्म नहीं कर सकते। अगर पंजाब से नश्ो की लत को खत्म करना है तो पहला कदम इसमें लि’ राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और डàग्स माफिया पर शिकंजा कसना ही होगा।



किन क्षेत्रों में भारत ने लहराया तिरंगा


पी मार्कण्डेय
आजादी के समय ही अंग्रेज भविष्यवेत्ताओं ने कहना शुरु कर दिया था कि भारत अपनी आजादी को सहेज नहीं पाएगा। टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा कारण कि यहां पर विभिन्न भाषाएं, क्ष्ोत्रवार परंपराएं, जातियों और धर्म में बंटा हुआ है, इसलिए इसके लिए लोकतंत्र संभव ही नहीं है। लेकिन 15 अगस्त 1957 के बाद से आजतक आजाद भारत के इतिहास में कोई सबसे बड़ी उपलब्धि है तो वह है भारत का बेदाग लोकतंत्र। सत्ता परिवर्तन, बैल्ोट बाक्स रिवोल्यूशन, संकट में केंद्रीयकरण, सामान्य अवस्था में शानदार तरीके से चल रहा संघवाद, लचीला संविधान और लगातार जागरुक हो रहे मतदाताा भारत की असली ताकत हैं, तो वहीं स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि भी हैं।
इतना ही नहीं भारतीयों ने दुनियां के अनेक क्ष्ोत्रों में अपनी कामयाबी का परचम भी लहराया है। बल्कि दुनियां के अनेक राष्ट्रों को अपनी कामयाबी का लोहा मनवाया है। यदि हम अबतक की उपलब्धियों पर सरसरी नजर डालें तो अपने लोकतंत्र, गणतंत्र और आजादी पर गर्व कर सकेंगे।
भारत दुनियां का दूसरे नंबर पर सबसे बड़ा आईटी उद्योग
भारत ने आईटी के क्ष्ोत्र अपना लोहा दुनिया से मनवा लिया है। चीन के बाद दुनिया की दूसरे सबसे बड़े आईटी कारोबारी में भारत का स्थान है। देश में इस व्यवसाय के फलने-फूलने की गति को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले पांच सालों में भारत पहले नंबर पर आ जायेगा।
हमारी शान है हमारी वायुसैन्य शक्ति
देश की वायु सेना की ताकत दुनियां के विकसित देशों को टक्कर देने वाला है। बल्कि कई मामलों में तो हम दुनियां के नंबर वन एयरफोर्स हैं। हमारे पास दुनियां के सबसे अधिक कौशलपूर्ण और समर्पित वायु सैनिक है तो वहीं हमारे पायलटों की क्षमता अमेरिकी पायलटों से कई मामलों में आगे हैं। इस समय 182० एयरक्राफ्ट्स, 9०5 कॉम्बैट विमान, 595 फाइटर प्लेन्स और 31० अटैकर्स विमान के साथ देश कि वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली हवाई सेना मानी जाती है।
परमाणु शक्ति में हम किसी से कम नहीं
हमारे पास 21 न्यूक्लियर प्लांट्स और 75 से 11० परमाणु हथियार हैं। भारत विश्व में परमाणु शक्ति संपन्नता के मामले में टॉप फाइव देशों में गर्व के साथ खड़ा है। बावजूद इसके हमारी सैन्य ताकत पूरी विनम्रता से नो फस्र्ट यूज पॉलिसी पर कायम रहेगी।
कृषि क्ष्ोत्र में आत्मनिर्भरता
अब भारत दुनियां की बड़ी अर्थव्यवस्था के रुप में अपनी पहचान कायम कर चुका है। आजादी के बाद से अबतक 2.7 लाख करोड़ से बढ़कर हमारी अर्थव्यवस्था 57 लाख करोड़ से भी अधिक की हो चुकी है। विदेशी मुद्रा भंडार 3०० बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है। देशभर में लगातार सड़कों, पुलों, ओवरब्रीज का निर्माण तो हुआ ही है, साथ ही बंदरगाहों सहित गांव से लेकर औद्यौगिक स्थल तक विश्वस्तरीय सड़क मार्गो से जोड़े जा रहे हैं। खाद्यान्न के मामले में हम दालों के सबसे अधिक उत्पादक हैं तो चीनी हमारे यहां दुनियां में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक उत्पादन हो रहा है। कपास के मामले में हम अब भी तीसरे बड़े उत्पादक हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क
आजादी के बाद देश को पुरान रेल नेटवर्क मिला जो कि 33 हजार किमी लंबी थी। आजादी के तुंरत बाद इनका राष्ट्रीयकरण किया गया और अब भारतीय रेल दुनियां के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क के रुप में जाना जाता है। अब 68,312 किमी लंबे रास्ते पर 115,००० किमी का रेल टैàक है। कुल भारतीय रेलव में 7,112 रेलवे स्टेशन हैं। मुंबई के शिवाजी टर्मिनल सहित देश के पहाड़ी रास्तों पर चलने वाली रेल को यूनेस्कों ने विश्व धरोहर में शामिल किया है।
विविध उपलब्धियां
भारत ने आजादी के समय ही वयस्क मताधिकार को लागू किया जबकि यूरोप के कई देशों में यह बहुत देर से शुरु हुआ। संवैधानिक परंपराओं का जनक अमेरिका भी अपनी आजादी के तकरीबन डेढ़ सौ सालों बाद इसे लागू किया। भारत ने दुनिया का बहिष्कार झेल कर भी शांतिपूर्ण उददेश्यों के लिए परमाणु शक्ति हासिल की जो कि सबसे कम लागत में परमाणु ऊर्जा उत्पन्न करने वाला देश भारत है। थोरियम आधारित परमाणु ऊर्जा विकसित करने में भारत का दुनियां में अलग पहचान है। अंतरिक्ष में वाणिज्यिक उपग्रहों को सबसे कम कीमत पर लांच करने का रिकार्ड भारत के पास है। परमाणु पनडुब्बी लांच करनेवाले पांच देशों में से भारत है। चांद और मंगल पर मानव रहित मिशन भेजने वाले पांच देशों में से एक भारत है। इतना ही नहीं, दुनिया के सबसे कम लागत में सुपर कंप्यूटर का निर्माण भारत ने किया।
स्वतंत्र भारत की उपलब्धियों में यह महज चंद बातें हैं, फेहरिस्त लंबी है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत सो रहा है जिसदिन जागेगा उसदिन इतना तेजी से विष्फोट करेगा कि दुनियां के कान बहरे हो जाएंगे। भारत पोखरण विष्फोट के बाद अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज गूंजा दी है।